आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद फैजान ने दी आरटीआई कानून की जानकारी ।
पाली. पाली शहर के प्यारा चौक निवासी देश के सबसे कम उम्र के 17 वर्षीय आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद फैजान ने शुक्रवार को मीडिया को दी जानकारी में बताया हैं कि आरटीआई एक्ट सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 क्या है ओर इसका उपयोग कौन कर सकता है।
पहले जानिए की सूचना का अधिकार R.T.I. कानून है क्या।
सूचना का अधिकार R.T.I. कानून राजस्थान के ब्यावर जिले के लोगों के 44 दिन के धरने के बाद लागू हुआ 12 अक्टूबर 2005 को सूचना का अधिकार R.T.I. कानून लागू हुए आज 19 साल हो गए हैं। सूचना के अधिकार के तहत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग में आरटीआई आवेदन दाखिल कर सूचना प्राप्त कर सकता है सूचना प्राप्त करना हर नागरिक का अधिकार है। इस अधिकार के तहत नागरिक इस तरह की सूचना प्राप्त कर सकते है जैसे की मोबाइल चोरी या गूम हो गया हो नागरिक के साथ किसी ने मारपीट की है या फिर उसको कोई परेशान कर रहा है। जिसकी शिकायत पुलिस थाने या पुलिस अधीक्षक को की है और नागरिक पता लगाना चाहता है कि उसकी शिकायत दर्ज हुई है या नहीं या शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई या नहीं इस तरह की जानकारी ओर मकान की रजिस्ट्री, सरकारी कार्यालयों में दी गई शिकायत पर कार्यवाही हुई या नहीं, जमीन संबंधित दस्तावेज, ओर भी सरकारी कार्यालयों में मौजूद दस्तावेजों की सूचना आरटीआई एक्ट 2005 के तहत् मांगी जा सकती है।
धारा 2 J 1 सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण।
आरटीआई कानून की धारा 2 J 1 नागरिकों को यह अधिकार देती है की किसी भी लोक सेवक यानि की किसी भी सरकारी अधिकारी के कार्यालय के द्वारा किए गए कार्य के दस्तावेजों अभिलेखों का निरीक्षण / अवलोकन नागरिक कर सकते हैं। यह अधिकार कहाँ से अधिकार यहाँ से आया की नागरिक इस देश के मालिक है नागरिक जो टैक्स देते है उस टैक्स के पैसों सें लोक सवकों / अधिकारियों को तनख्वाह मिलती है।
अब जानिए की लोक सेवक किसे कहते।
लोक सेवक उन लोगों को कहते है जो जानता यानि की नागरिकों के टैक्स के पैसों से तनख्वाह लेते है हर सरकारी अधिकारी, राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जज, एसपी, कलेक्टर, सभापति, तहसीलदार, आयुक्त ओर भी अन्य अधिकारी यह सब लोक सेवक है लोक सेवको काम ही यह कि वो जानता यानि कि नागरिकों की सेवा का कार्य करें।
Author: AKSHAY OJHA
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