Explore

Search

September 1, 2025 4:31 am


लेटेस्ट न्यूज़

मूंगफली की सरकारी खरीद 18 नवम्बर से : बारिश के कारण गुणवत्ता कमजोर, समर्थन मूल्य पर 65 फीसदी खरीद के नियमों से किसान परेशान

Picture of Pankaj Garg

Pankaj Garg

सच्ची निष्पक्ष सटीक व निडर खबरों के लिए हमेशा प्रयासरत नमस्ते राजस्थान

दौसा। जिले के लालसोट क्षेत्र में मानसून की भारी बारिश के कारण इस बार मूंगफली की फसल में काफी नुकसान हुआ है। अन्य वर्षों की तुलना में पैदावार में करीब 70 प्रतिशत की कमी आई तो वहीं दाना कमजोर होने व गुणवत्ता कमजोर होने के कारण किसानों को मंडी में भाव नहीं मिलने से घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यहां एक तरफ मौसम की मार झेल रहे किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार 65 फीसदी दाना होने पर ही खरीद किया जाना संभव है। ऐसे में किसानों के लिए नियम कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। जिसके चलते मंडी अभी तक एक हजार किसानों ने भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।

नियमों में​ रियायत देने की मांग

क्षेत्र के निवासी रामविलास खेमावास सहित कई किसान नेताओं ने कहा है कि एक तरफ प्रकृति के प्रकोप से किसान परेशान रहे तो ऊपर से सरकार ने समर्थन में मूल्य के लिए खरीद के बनाए गए नियमों को कठोर कर दिए जाने से किसान को समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिलने के आसार न के बराबर बने हुए हैं। किसानों ने सरकार से समर्थन मूल्य की खरीद में दाने की गुणवत्ता प्रतिशत पर रियायत देने की मांग की है।

समर्थन मूल्य कीमत 6783 रुपए प्रति क्विंटल

क्रय विक्रय सहकारी समिति के महाप्रबंधक मुनिराज मीणा ने बताया कि सरकार ने मूंगफली की समर्थन मूल्य की कीमत 6783 रुपए प्रति क्विंटल की है तथा दाने का प्रतिशत 65 फीसदी निर्धारित किया है। इससे कम दाने वाली मूंगफली की खरीद नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर से पंजीयन का काम शुरू हो गया था, अब तक 700 किसानों ने पंजीयन करा चुके हैं। 18 नवंबर से खरीद शुरू की जाएगी। प्रत्येक किसान से 25 क्विंटल मूंगफली ही खरीद होगी।

Author: JITESH PRAJAPAT

Leave a Comment

Ads
Live
Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर