जयपुर। आयकर विभाग को उदयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट एण्ड लॉजिस्टिक प्रा. लि. के यहां हुई छापेमारी में कई नई जानकारी मिली हैं। जांच कर रही टीम के हाथ 330 ट्रकों का रिकॉर्ड लगा है। यह सभी ट्रक ट्रांसपोर्ट कम्पनी में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर हैं। जांच अधिकारियों को कम्पनी के उदयपुर ऑफिस से 240 करोड़ और मुम्बई ऑफिस में 29 करोड़ का नकद लेनदेन हिसाब भी संदेह के दायरे में बताया जा रहा है। आयकर ऑफिसर्स ने रेड खत्म होने के बाद 137 करोड़ की काली कमाई का दावा किया था, लेकिन नकद लेनदेन को यदि इसमें शामिल किया जाएं तो यह राशि बढ़ कर 269 करोड़ पहुंच रही है। आयकर टीम के हाथ 25 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी लगे हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और इस से नए खुलासे होने की सम्भावना हैं। जानकारी के अनुसार आईटी रेड में ट्रांसपोर्ट कंपनियों को 10 व इस से कम ट्रक होने की दिशा में आयकर कानून की धारा 44 AE में दी जाने वाली छूट में गड़बड़ी होने का सम्भावना हैं। बताया जाता है कि छोटी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को राहत देने के लिए कानून की इस धारा में 7500 रुपए प्रतिमाह प्रति ट्रक की दर से ही आयकर जमा कराने की व्यवस्था है। इसके साथ ही ऐसे ट्रांसपोर्टर को लेखा पुस्तिकाओं का रखरखाव नहीं करने की भी छूट मिलती है। लेकिन आरोपी ट्रांसपोर्ट कम्पनी ने इस छूट का गलत उपयोग करते हुए अपने कर्मचारियों के नाम से ट्रक खरीदे और उन्हें अपनी ही कम्पनी में काम में लिया। इसी तरह जीएसटी कानून में रिवर्सल चार्ज मैकेनिज्म में दिए जाने वाले लाभ का गलत प्रयोग करना भी टीम ने पकड़ा हैं।
आईटी टीम ने व्यवसाई की एक दर्जन लग्जरी वाहनों की जानकारी भी जुटाई है, जिनमें बीएमडब्ल्यू, वोल्वो, रेंज रोवर, वेलफायर, लेक्स, ऑडी, पोर्शे, जीप मेरेडियन, डिफेंडर जैसी गाड़ियां शामिल है। विभागीय अधिकारी अब इन गाड़ियों के पंजीयन और खरीद से संबंधित दस्तावेज की पड़ताल करना शुरू कर दिया हैं। जांच टीम को सर्च के दौरान एक नकद रसीद भी मिली है, जो बेनामी परिवहन से होने वाली आय को बता रही हैं। इसके अलावा जयपुर शाखा में कुछ डायरियां मिली है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 और इसके बाद प्राप्त नकद राशि के साथ नकद में किए गए कुछ खर्च का भी उल्लेख है। इस पूरे लेनदेन की गणना अधिकारी कर रहे हैं। इसी तरह मुम्बई कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2024-25 से संबंधित 29 करोड़ की नकद प्राप्ति व खर्च के अलावा मुम्बई से उदयपुर भेजी गई राशि के दस्तावेज भी बरामद हुए। आयकर जांच में वापी स्थित एक फैक्ट्री में की गई छापेमारी में स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिली हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट कम्पनी के यहां हुई रेड में अघोषित आय की राशि बढ सकती हैं।



