पाली। जिले के धर्मधारी गांव निवासी खुशबू राजपुरोहित की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। दोषियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में राजपुरोहित समाज के लोग एकत्रित हुए। लोढ़ा स्कूल के पास बने राजपुरोहित समाज भवन से सभी रैली के रूप में रवाना होकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्हें नारेबाजी की और बोले की खुशबू राजपुरोहित की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देकर उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने शव फंदे पर लटका दिया। मामले में निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मृतका खुशबू के परिजन सहित बड़ी संख्या में राजपुरोहित समाज के लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।
बता दे कि पाली जिले के धर्मधारी गांव (रोहट) निवासी 22 साल की खुशबू राजपुरोहित पुत्री गंगासिंह राजपुरोहित की शादी 11 जुलाई 2024 को डोली (बाड़मेर) जिले के भोमसिंह से हुई थी। 16 जून 2025 को खुशबू कंवर अपने घर पर संदिग्ध हालत में फंदे पर लटकी मिली। 17 जून को खुशबू का अंतिम संस्कार किया गया। इसकी सूचना उसके पीहर में नहीं दी गई। 18 जून को पिता गंगासिंह ग्रामीणों को बस में लेकर डोली गांव पहुंचे थे। और घटना को लेकर फिर रोहट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बेटी की हत्या की आशंका जताई थी। गंगा सिंह राजपुरोहित की 2 बेटियों निरमा (बड़ी) और खुशबू (छोटी) की शादी बाड़मेर के डोली गांव में नारायणसिंह राजपुरोहित के 2 बेटों ही हुई है। 11 जुलाई 2024 को खुशबू की शादी भोमसिंह से हुई थी। दामाद भोम सिंह अपने बड़े भाई के साथ हनुमानगढ़ जिले के रावतसर में मिठाई की शॉप चलाते हैं। खुशबू भी रावतसर ही रहती थी।