बिजौलिया, बलवंत जैन। कस्बे के कस्तूरबा गांधी छात्रावास की एक दर्जन से अधिक बालिकाओं ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को पत्र लिखकर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल पायल लुनिवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि उनके छात्रावास के बिल्कुल सामने राजकीय हाई स्कूल होने के बावजूद उन्हें जबरन 2 किलोमीटर दूर स्थित बालिका विद्यालय भेजा जा रहा है।
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि वे नजदीकी स्कूल में प्रवेश लेना चाहती हैं, जिससे उनके समय की बचत हो सके,उन्हें इंटरवेल में स्कूल आने जाने और खाना या नाश्ता करने के लिए 2 किलोमीटर दूर छात्रावास आना पड़ता है जिससे असुविधा होती है,लेकिन छात्रावास अधीक्षक और बालिका स्कूल की प्रिंसिपल उन्हें मानसिक दबाव में रखकर दूरस्थ स्कूल में पढ़ाई करने को मजबूर कर रही हैं। इतना ही नहीं, जब उन्होंने स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) मांगा तो स्कूल प्रशासन ने उन्हें देने से भी इनकार कर दिया।
छात्राओं के अनुसार यह स्थिति मानसिक उत्पीड़न जैसी है, जिससे वे खुद को असहाय महसूस कर रही हैं। छात्राओं ने प्रशासन से उन्हें राहत दिलाने की मांग की है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
इस मामले में सीबीईओ माली राम यादव का कहना है कि उन्हें छात्राओं से एक शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है और वे इसकी गंभीरता से जांच करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी छात्रा किसी भी स्कूल में पढ़ने के लिए स्वतंत्र है और किसी पर किसी विशेष विद्यालय में पढ़ने का दबाव नहीं डाला जा सकता।
Author: AKSHAY OJHA
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