12 घंटे से भी कम समय में जैसलमेर पुलिस ने किया डबल ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
जैसलमेर
जैसलमेर में शनिवार शाम को लापता हुए दो बच्चों की लाशें देर रात को एक सुनसान पानी के टांके में मिली। जिस पर मृत बच्चों के परिवार जनों ने किडनैप और हत्या की आशंका जताते हुए मासूमों की डेडबॉडी लेने से इनकार कर दिया। उनका आरोप था कि दोनों शवों पर भारी चोटों के निशान हैं, जो कि स्पष्ट रूप से हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। जिस कारण मृतक मासूमों के परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम करने और शवों को लेने की सहमति नहीं। वहीं, पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारण सामने आएगा। जिस पर जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी के आगे परिजनों ने धरना शुरू कर दिया वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने विभिन्न टीमें बनाकर जांच आरंभ शुरू कर दी।
परिजनों ने जताई थी हत्या की आशंका
मामला जैलसमेर शहर के बबर मगरा इलाके का है। शहर कोतवाल सवाई सिंह ने बताया कि बबर मगरा गांव में रहने वाला आदिल (6) और हसनेन (7) शनिवार शाम 4 बजे घरों के बाहर खेल रहे थे। इसके कुछ देर बाद वे गायब हो गए। काफी देर आसापास ढूंढने पर नहीं मिले तब परिजनों ने शाम को सात बजे के लगभग पुलिस थाना कोतवाली को सूचना दी गई। बच्चों के रिश्तेदार कमाल खान ने बताया कि एक बच्चे हसनेन के सिर में चोटों के निशान हैं। वहीं आदिल के गले पर ऐसे निशान हैं, जैसे उसका गला दबाया गया हो। दोनों बच्चों की निर्मम हत्या हुई है। इसकी जांच होनी चाहिए। कमाल ने बताया कि जिस टांके (पानी का टैंक) में दोनों शव मिले उसका ढक्कन बंद था। टांके में दो फीट एक इंच ही पानी था। जबकि दोनों बच्चों की लंबाई 3 फीट से ज्यादा है। दोनों का मर्डर कर टांके में डाला गया है।
रात 11 बजे टैंक में मिले शव
बच्चों को तलाश किया तो रात 11 बजे दोनों के शव पड़ोस के एक खाली मकान के पानी के टैंक में मिले। पुलिस ने शवों को जवाहिर हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखवाया। रविवार सुबह 9 बजे दोनों बच्चों के मर्डर का शक जाहिर करते हुए परिजन मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजन का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद ही शव लेंगे। आदिल के पिता मदरसा पैराटीचर हैं और आदिल उनका इकलौता बेटा था। जबकि हसनेन के पिता पीरबख्स मजदूरी करते हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बनी पोस्टमार्टम पर सहमति
जिला पुलिस द्वारा ब्लाइंड मर्डर पर त्वरित अनुसंधान करते हुए विभिन्न टीमें गठित कर अलग अलग एंगल से जांच की गई। जिस पर पुलिस ने शक के आधार पर एक आरोपी को डिटेन किया गया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगलते हुए हत्या करना स्वीकार किया। हत्या के दौरान एक और लड़की ने भी आरोपी का साथ दिया और दोनों ने मिलकर दोनों मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर शवों को छिपाने के लिए उन्हें सुने टांके में डाल दिया। इस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं और मामले में पूछताछ जारी हैं।
इनका क्या कहना हैं
पूरे मामले को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कल बच्चों के गायब होने के बाद से जिला पुलिस की टीमों ने अलग अलग जगहों पर बच्चों की तलाश की, इसके बाद रात्रि में एक टांके में बच्चों के शव मिले उसके बाद से घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया और रातभर पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल की कड़ी निगरानी की ताकि सुबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो। आज पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना कर सुबूत तलाशे इसके अलावा आस पास के मकानों की तलाशी ली गई जिसमे कई सुबूत भी मिले। एक युवती और महिला के बीच संबद्ध थे जिनको बच्चों द्वारा देखा गया जिस पर बदनामी के डर से दोनों ने बच्चों की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं और उनसे पूछताछ जारी हैं। दोनों आरोपी मृत बच्चों के रिश्तेदार ही हैं। इस पूरी घटना में कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर एफआईआर दर्ज करवाने में देरी और पोस्टमार्टम करने में देरी कर रहे थे उनमें से कुछ लोग हत्या के बाद से आरोपी के संपर्क में रहे हैं उनसे भी पूछताछ की जाएगी और उन्हें भी कानून सम्मत धाराओं में आरोपी बनाया जायेगा।
Author: AKSHAY OJHA
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