चित्तौड़गढ़। उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद अब उनके बड़े बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ को गद्दी पर बैठाने की परंपरा निभाई गई। लोकतंत्र आने के बाद राजशाही खत्म हो गई है, लेकिन प्रतीकात्मक यह रस्म निभाई जाती है। सोमवार को चित्तौड़गढ़ किले के फतह प्रकाश महल में दस्तूर (रस्म) कार्यक्रम के दौरान खून से राजतिलक की रस्म हुई। यहां से विश्वराज सिंह धूणी दर्शन के लिए उदयपुर सिटी पैलेस जाएंगे। उधर, विश्वराज सिंह के सिटी पैलेस (उदयपुर) आने की सूचना के साथ ही विवाद की स्थिति बन गई है। सिटी पैलेस में जाने के गेट (रंगनिवास और जगदीश चौक से अंदर जाने वाला) बंद कर दिए गए हैं। रंगनिवास वाले गेट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इधर, चित्तौड़गढ़ किले में राजतिलक की रस्म के दौरान विश्वराज सिंह को 21 तोपों की सलामी दी गई। विश्वराज एकलिंगनाथजी के 77वें दीवान होंगे। मेवाड़ राजवंश के 77वें महाराणा के लिए पूरे रास्ते में फूल बिछाए गए थे। विभिन्न राजघरानों से आए लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। विश्वराज वर्तमान में नाथद्वारा से विधायक भी हैं।उधर, उदयपुर के सिटी पैलेस धूणी दर्शन को लेकर विवाद गहरा रहा है। उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने कहा- प्रशासन ने मध्यस्थता कराने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनी। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। दूसरे पक्ष ने दो विधिक नोटिस जारी कर बिना अनुमति पैलेस में और एकलिंगजी मंदिर में प्रवेश पर चेताया है। दूसरी तरफ विश्वराज सिंह मेवाड़ का पक्ष सिटी पैलेस में जाने के लिए अड़ा है।

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February 24, 2026
8:15 am

उदयपुर के पूर्व राजघराने में राजतिलक की रस्म : विश्वराज सिंह मेवाड़ को 21 तोपों की सलामी दी; उदयपुर सिटी पैलेस के दरवाजे बंद, विवाद की आशंका
Pankaj Garg
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