धौलपुर। चंबल नदी की जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए जैतपुर घाट पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। भारतीय जलीय जीव घड़ियाल के संरक्षण कार्यक्रम के तहत 25 नए घड़ियालों को नदी में छोड़ा गया, जिनमें 4 नर और 21 मादा घड़ियाल शामिल हैं।
वन विभाग के अनुसार, ये सभी घड़ियाल देवरी घड़ियाल केंद्र में करीब तीन साल पहले हैचिंग से जन्मे थे। अब ये प्राकृतिक वास में रहने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। डीएफओ सुजीत आर पाटिल ने स्वयं इन घड़ियालों को नदी में छोड़ा। मॉनिटरिंग के लिए सभी घड़ियालों पर बैच टैग लगाए गए हैं।
इन नए घड़ियालों के आने से चंबल नदी में घड़ियालों की कुल संख्या अब 2,481 हो गई है। देवरी घड़ियाल केंद्र में अभी भी 98 घड़ियाल चंबल नदी में छोड़ने के लिए तैयार हैं। चंबल नदी की समृद्ध जैव विविधता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां 878 मगरमच्छ और 111 गंगा डॉल्फिन भी पाई जाती हैं।
यह कार्यक्रम धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सीमा में बहने वाली चंबल नदी में जलीय जीवों के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन घड़ियालों का प्राकृतिक आवास में लौटना न केवल उनकी प्रजाति के संरक्षण में मददगार साबित होगा, बल्कि नदी की पारिस्थितिकी को भी संतुलित रखने में सहायक होगा।



