हिंदवः सहोदरा सर्वे, न हिंदू पतितो भवेत।
मम दीक्षा हिंदू रक्षा ,मम मंत्र समानता।।
भीलवाडा। सभी हिन्दू एक ही माँ भारत माता की संतान है ,सभी हिन्दू श्रेष्ठ है,हिन्दू की रक्षा करना ही मेरी शिक्षा की दीक्षा है और सभी हिन्दू समान है यही मेरा मंत्र है। उक्त भाव के साथ भीलवाड़ा के सात विभिन्न स्थानों पर क्षेत्र में निवासरत हिन्दू समाज की समस्त जाति -बिरादरियों की सद्भावना गोष्ठी-बैठक का आयोजन किया गया ताकि समाज में सद्भावना बढ़े समरसता का भाव जगे। हिंदुत्व का भाव जगे, हिंदू समाज की सारी समस्या हमारी है, हम सब मिल कर उनका समाधान करेंगे , हम सब भारत मां की संतान हैं हम सब एक है और आर्थिक सामाजिक शैक्षणिक धार्मिक नैतिक उत्थान हर जाति बिरादरी का हो जिससे हमारा राष्ट्र निरंतर परम वैभव की और अग्रसर हो। खांडल विप्र भवन, बड़े मंदिर की बगीची, वरिष्ट नागरिक मंच, राजकीय माध्यमिक विद्यालय -वार्ड 8 , निम्बार्क आश्रम, माहेश्वरी भवन-रामधाम मार्ग, सामुदायिक भवन-बापूनगर शहर के सात विभिन्न क्षेत्रों में हुई इन सामाजिक सद्भावना गोष्ठि में हिन्दू समाज की लगभग 96 जाति- बिरादरियों के लगभग 1047 प्रमुख महानुभवो एवं मातृशक्ति ने बहुत उत्सव पूर्वक भाग लिया एवं अपने व उनकी जाति-बिरादरी द्वारा सभी क्षेत्रो के अंतर्गत किये गए कार्यों की जानकारी दी एवं
आपस में सामाजिक रूप से समरस एवं संगठित होकर ही हम शक्तिशाली बनेगे। सुखी पारिवारिक जीवन हेतु संयुक्त कुटुम्ब से वसुधैव कुटुम्बकम का भाव जागृत हो इस हेतु परिवार में मिलन आवश्यक है। श्रष्टि के कण कण की चिंता एवं संरक्षण का जो हमारा सांस्कृतिक भाव है वही पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन कर सकता है। भारत वर्ष का धन भारत मे ही रहे इस हेतु स्वदेशी एवं स्व के भाव का जागरण आवश्यक है।
अधिकारों के साथ कर्तव्यो का बोध ही नागरिक शिष्टाचार है। यह देश मेरा है अतः इस देश के लिए मेरे जो कर्तव्य है,जो नियम है उनका मैं सदैव पालन करूंगा। छोटे-छोटे विचारों से व्यक्तिगत जीवन में परिवर्तन करते हुए, समाज जीवन में परिवर्तन की राह लाकर देश परिवर्तन का विचार ,यह भाव सभी ने अपने मनों में जागृत किया।