भीलवाड़ा। क्रिप्टो मीडिया नेटवर्क (सीएमएन) कंपनी बनाकर अलग-अलग लोगों से निवेश के नाम पर ठगी करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने बयान जारी किया। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए डिप्टी सीएम का नाम लिया था। पुलिस ने उनसे सबूत मांगे तो वे सबूत नहीं दे पाए। कंपनी के लोगों ने एक खेल प्रतियोगिता को लेकर डिप्टी सीएम के फोटो और नाम का मिसयूज किया था। जांच में सामने आया है कि डिप्टी सीएम का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। भीलवाड़ा एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने 60 लाख की धोखाधड़ी करने वालों की गिरफ्तारी को लेकर एएसपी रोशनलाल पटेल व डिप्टी रविन्द्र प्रताप सिंह के सुपरविजन और थाना प्रभारी फूलचन्द्र के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर दिया है। पुलिस ने बताया- शिकायतकर्ता को डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सीएनएम कम्पनी की ब्रांड ऐंबैस्डर होने के संबंध मे प्रूफ देने के लिए नोटिस दिया था। जवाब मे कोई प्रूफ पेश नहीं किए गए। जांच के बाद इस मामले में सीएएनएम क्रिप्टो कम्पनी से डिप्टी सीएम का कोई संबंध नहीं होना पाया गया।
यह था मामला
गंगापुर (भीलवाड़ा) के खांखला गांव निवासी पारसमल खोईवाल पुत्र मदन की ओर से एक रिपोर्ट पेश की गई थी। इसे प्रकरण नंबर 302/24 धारा 406,420,419,384 120बी भादस में दर्ज किया गया। इसमें पारसमल को डिप्टी सीएम दीया कुमारी का सीएनएम कम्पनी की ब्रांड ऐंबैस्डर होने के संबंध में प्रूफ देने के लिए नोटिस देकर रसीद प्राप्त की। जवाब में कोई प्रूफ पेश नहीं किया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने कभी भी यह जानकारी नहीं जुटाई कि डिप्टी सीएम सीएनएम कम्पनी की ब्रांड ऐंबैस्डर है या नहीं। न कभी डिप्टी सीएम से मिला, न फोन पर कभी बातचीत की। एक क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजक पुष्कर ने पार्टी कार्यकर्ता होने के कारण क्रिकेट प्रतियोगिता के संबंध में पैंफ्रलेट छपवाया था। इस पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी का फोटो लगाया गया था। साथ में क्रिप्टो कंपनी का लोगो मात्र निजी स्वार्थ के हिसाब से लगाया गया। क्रिकेट प्रतियोगिता के पैंफ्रलेट मे आयोजक द्वारा डिप्टी सीएम दिया कुमारी के फोटो को उनकी बिना सहमति व जानकारी के सीएनएम कम्पनी के लोगो के साथ लगाया गया। इस संबंध में शिकायतकर्ता पारसमल खोईवाल व पिन्टू खोईवाल ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए डिप्टी सीएम के नाम का इस्तेमाल किया। जांच में सीएएनएम क्रिप्टो कम्पनी से डिप्टी सीएम का कोई संबंध नहीं होना पाया गया। इस मामले में आगे जांच जारी है।
इससे पहले सितम्बर में दर्ज हो चुका है मामला
गंगापुर के खांखला गांव निवासी पिन्टू कुमार खोईवाल पुत्र मदन की ओर से गंगापुर थाने में एक रिपोर्ट आरोपी विनोद कलाल, कृष्णपालसिंह, चादकंवर, रामसिंह, निवासी केलवा जिला राजसमन्द, किशन खोईवाल निवासी खांखला पुलिस थाना गंगापुर जिला भीलवाडा के खिलाफ दी थी। इसमें बताया था- मैं गंगापुर में कम्प्यूटर रिपेयरिंग का कार्य करता हूं। मेरी कंप्यूटर की दुकान पर किशन खोईवाल आया और मुझे अपनी सीएनएम कम्पनी के बारे में बताया। 4-5 दिन बाद वह अपने साथ कृष्णपालसिंह, राजा मेवाडा उर्फ विनोद कलाल व उसका भाई कन्हैयालाल कलाल को लेकर आया। उन्होंने भी मुझे कम्पनी के बारे में बताया कि हम ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं। अपनी कम्पनी को उन्होंने ही डवलप किया है सारा फंड उन्होंने ही लगाया है। इसलिये हम इस कम्पनी में अच्छा बैनिफिट निकालेंगे और करोड़पति बन जाएंगे, फिर मुझे कम्पनी में इन्वेस्ट करने के लिये बोला। विश्वास के तौर पर स्टाम्प लिखकर देने व चैक देने के लिए बोला। इसके बाद आरोपी मेरे पास आते और मेरे से इन्वेस्ट के नाम पर कैश ले जाते। आरोपियों ने मुझसे अलग अलग खातों में ऑनलाइन करीब 60 लाख रुपए इन्वेस्ट करा दिए। उस दौरान ये सभी समय-समय पर उनके लैपटॉप में मेरे इन्वेस्टमेंट की वैल्यू काफी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते और जब भी मैं उनसे राशि विड्रोल के लिये कहता तो वे मुझे कहते कि अभी मार्केट डाउन है। अभी मत निकालो। जब मार्केट अप होगा तब विड्रोल कर लेना। इस प्रकार मेरी राशि मुझे नहीं दी और पैसे हड़प लिए। अब मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।