अजमेर। जिले की नसीराबाद सदर थाना पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से धोखाधड़ी व गबन के आरोपी अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के वाहन फर्जी रूप से कंपनी में लगा हुआ दिखाकर बाड़े के रूप में अकाउंट में 15 लाख रुपए रकम ट्रांसफर करवा ली थी। करीब 7 महीने बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार अकाउंटेंट से पूछताछ में जुटी है।नसीराबाद सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि आरोपी ग्राम जाटिया निवासी अजीत सिंह रावत(28) पुत्र मनोहर सिंह रावत को गिरफ्तार किया गया। जिसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।
यह था मामला
ग्राम जाटिया निवासी ट्रांसपोर्टर समरवीरसिंह रावत पुत्र सुवा सिंह ने गत 17 मई को सदर थाने में मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था उसकी रावत रोड़ केरियर के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी है। उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी में गत 3 वर्ष से आरोपी अजित सिंह दिलवाड़ा स्थित कार्यालय और गांधीधाम स्थित शाखा पर ट्रेफिक अकाउंटेंट के पद पर काम करता है और ट्रांसपोर्ट कंपनी से संबंधी सभी प्रकार के लेन-देन और खाते की देखभाल करता है।
ट्रांसपोर्टर ने समरवीरसिंह ने आरोप लगाया था कि गत 1 मई को उसे पता लगा कि अकाउंटेंट अजीत रावत ने अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ षड़यंत्र रचकर उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी में उनके वाहन फर्जी रूप से लगे हुए बताकर माल भाड़े के रूप में उनके बैंक खातों में ट्रांसपोर्ट कंपनी के खाते से 1524500 रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
परिवादी ने बताया कि उसको धोखाधड़ी व गबन की जानकारी होने पर उसने आरोपी अजीत सिंह रावत व उसके रिश्तेदारों व दोस्तों से पैसे वापिस लौटाने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे और पैसे वापिस लौटाने से मना करते हुए उसे व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। जिस पुलिस ने धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया।