पाली। जिले को हाल ही में संभाग का दर्जा रद्द कर दिया गया इससे नाराज होकर पाली संभाग बचाओ संघर्ष समिति की ओर से पाली संभाग बचाओ आंदोलन मंगलवार से शुरू किया गया। इसके तहत पाली कोर्ट के बाहर समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एडवोकेट, शहरवासी धरने पर बै गए।
पाली संभाग बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट मगराज सोनी ने कहा कि गत कांग्रेस सरकार ने पाली को संभाग बनाने का दर्जा दिया। इससे क्षेत्र की जनता खासी खुश थी। ऐसा लगा कि अब पाली भी जोधपुर की तरह जल्द बड़ा शहर बनेगा, विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। पाली में संभागीय आयुक्त, आईजी ऑफिस भी शुरू हो गए। लेकिन भाजपा सरकार ने एकदम से पाली को संभाग का दर्जा खत्म कर दिया। इससे पालीवासियों में खासा रोष है। जब तक पाली को संभाग बनाना यथावत रखने का निर्णय नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। धरने पर एडवोकेट राजेंद्र कुमार शर्मा, एमए खान, सुधीर कांकाणी, रहीश खान, विरेंद्र मेघवाल, मंसाराम हठेला, राजूराम हरियाल, राजूदास वैष्णव, विक्रम चंदानी, मांगीलाल प्रजापत, अरविंद् कुमार राव, नवरतन चौहान, सद्दाम काजी, सलीम सोढ़ा, इस्मालुद्दीन मोयल, चेतन चौहान, सुरेन्द्रसिंह लबाणा, किशोर चौधरी, भागीरथसिंह राजपुरोहित रूपावास, दिलीपसिंह, प्रवीण राव, अरविन्द राव सहित कई अधिवक्ता और शहरवासी धरने पर बैठे रहे।