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March 14, 2026 10:07 am


सेंदड़ा ग्रेनाइट, ब्यावर को भू-धरोहर के रूप में संरक्षित करने का संकल्प

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Pankaj Garg

सच्ची निष्पक्ष सटीक व निडर खबरों के लिए हमेशा प्रयासरत नमस्ते राजस्थान

भारतीय भू वैज्ञानिकों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

पाली (राधेश्याम दाधीच)। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 175वें स्थापना वर्ष के अवसर पर, 13 फरवरी 2025, को सेंदड़ा ग्रेनाइट : राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक स्थल पर आजादी का अमृत महोत्सव’ (AKAM) कार्यक्रम के तहत एक सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सेंदड़ा ग्रेनाइट राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक, सेंदड़ा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 162 के दोनों किनारों पर स्थित है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा 1977 में सेंदड़ा ग्रेनाइट को राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया था। यह प्रकृति की शिल्पकला की अद्वितीय मिसाल है। प्रकृति के दो शिल्पकार, हवा और पानी, ने हजारों वर्षों तक निरंतर कार्य करके सेंदड़ा ग्रेनाइट में खूबसूरत संरचनाएं बनाई हैं। उल्लू, कोबरा, लोमड़ी, मशरूम, हाथी, दानव, मछली, मेंढक, बहु-मंजिला चट्टानें और कई अन्य प्रकार की मूर्तियों का निर्माण हुआ है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेंदड़ा के छात्रों ने सेंदड़ा ग्रेनाइट भू-धरोहर स्थल का दौरा किया और GSI के भूवैज्ञानिकों ने चट्टानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सत्यपाल, निदेशक, देवदत्तात सेन, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक और अश्व्ती एन.एस., वरिष्ठ भूवैज्ञानिक, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, जयपुर टीम के सदस्य, छात्र-छात्राओं को भू-धरोहर स्थलों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए स्थल पर उपस्थित थे। सेंदड़ा सरपंच रतन सिंह भाटी ने कहा राष्ट्रीय धरोहर को जियो पार्क के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, उन्होंने इस धरोहर की सुरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस मौके पर सेंदड़ा सरपंच रतन सिंह भाटी, प्रधानाचार्य भीकम चंद परिहार, व्याख्याता रीना मीना, ढगला राम चौधरी ने छात्र छात्राओं को सेंदड़ा ग्रेनाइट भू-धरोहर स्थल के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। यह जानकारी राधेश्याम दाधीच ने दी।

Author: JITESH PRAJAPAT

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