श्री रामकथा महोत्सव समिति, भीलवाड़ा (21 से 29 सितम्बर 2024)
भीलवाड़ा में सद्भावना की गंगा प्रवाहित करेंगा श्रीरामकथा महोत्सव
श्री रामकथा महोत्सव समिति की ओर से चित्रकूटधाम में 21 सितम्बर से होगा आयोजन
भीलवाड़ा, 15 सितम्बर। धर्मनगरी भीलवाड़ा 21 सितम्बर से नौ दिन तक राममय हो जाएगा और जय श्री राम की गूज होंगी। इस दौरान श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट, भीलवाड़ा एवं श्री रामकथा महोत्सव समिति भीलवाड़ा के तत्वावधान में 21 से 29 सितम्बर तक नौ दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा महोत्सव का आयोजन नगर निगम के चित्रकूटधाम प्रागंण में दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा। महोत्सव में भक्तगण ख्यातनाम कथावाचक श्री राजन महाराज के मुखारबिंद से श्री रामकथा का रसास्वादन कर सकेंगे। श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत श्री बाबूगिरीजी महाराज ने प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को कथा तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि श्री रामकथा में देश के विभिन्न स्थानों से पधारने वाले महामण्डेलश्वर, महंतों व संतों का आर्शीवचन प्राप्त होंगा। कथा आयोजन का उद्देश्य लोगों की सनातन धर्म संस्कृति के प्रति जागृति मजबूत करने के साथ इसके माध्यम से गौसेवा के प्रति वातावरण का निर्माण करना है। श्री रामकथा महोत्सव समिति के अध्यक्ष गजानंद बजाज ने बताया कि भीलवाड़ा में पहली बार पधार रहे श्री राजन महाराज के मुखारविंद से होने वाली संगीतमय श्री रामकथा आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई है। इस आयोजन के माध्यम से वर्तमान माहौल को अधिक सद्भावनायुक्त बनाने का प्रयास भी किया जाएगा। श्री रामकथा महोत्सव के लिए आयोजन स्थल चित्रकूटधाम में ध्वज स्थापना रविवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महन्त बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में विधि विधान के साथ की गई। श्रीरामकथा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 21 सितम्बर को सुबह हरिशेवाधाम से भव्य कलशयात्रा भी निकाली जाएगी। कथा में प्रतिदिन अलग-अलग प्रसंगों का वाचन होगा। कथावाचन करने जा रहे ख्यातनाम कथावाचक राजन महाराज के प्रतिनिधि भी भीलवाड़ा पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले चुके है। गौरतलब है कि महन्त बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में भीलवाड़ा में वर्ष 2024 में ख्यातनाम रामकथा वाचन प्रेमभूषण महाराज के मुखारबिंद से नौ दिवसीय रामकथा का सफल आयोजन हो चुका है। उस आयोजन को मिली अपार सफलता ने भक्तों को फिर से भीलवाड़ा में रामकथा कराने के लिए प्रेरणा प्रदान की।
ब्रिटिश संसद में सम्मानित हो चुके कथावाचक राजन महाराज
राजन महाराज का जन्म पश्चिम बंगाल के कोलकात्ता में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम राजन तिवारी है। कोलकात्ता के सरकारी स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा होने के बाद उन्होंने रसायन शास्त्र में स्नातक ऑनर्स किया था। बचपन से ही आध्यात्मिक क्षेत्र में विशेष रुचि रखने वाले राजन महाराज ने शिक्षा प्राप्ति के बाद कुछ समय तक नौकरी की। इसके बाद वह वर्ष 2001 से प्रेमभूषण महाराज के सानिध्य में आए धर्म ओर भक्ति क्षेत्र से जुड़ गए। वर्ष 2011 से राजन महाराज ने कथवाचन शुरू किया। भगवान राम के प्रेरणादायी जीवन प्रसंग सुनाते सुनाते उनकी पहचान रामकथा वाचक के रूप में बन गई। भीलवाड़ा में पहली बार आ रहे मशहूर रामकथा वाचक राजन महाराज देश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ अमरीका, सिंगापुर, ब्रिटेन, मॉरीशस, डेनमार्क, गुयाना, यूएई (दुबई) आदि देशों में भी रामकथा का रसपान भक्तो को करा चुके है। धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए श्री राजन महाराज का ब्रिटिश संसद में भी सम्मान हो चुका है।
गजानंद बजाज
अध्यक्ष श्रीरामकथा महोत्सव समिति, भीलवाड़ा, मो 9829045208
Author: AKSHAY OJHA
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