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June 19, 2026 1:06 am


खाद की कालाबाजारी से तंग किसानों ने उपखंड अधिकारी को दिया ज्ञापन, खाद की पर्याप्त उपलब्धता और कालाबाजारी रोकने की मांग

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Pankaj Garg

सच्ची निष्पक्ष सटीक व निडर खबरों के लिए हमेशा प्रयासरत नमस्ते राजस्थान

बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया उपखंड क्षेत्र के ऊपरमाल किसान पंचायत के बैनर तले आज क्षेत्र के किसानों ने यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की कथित कालाबाजारी, मनमाने दामों पर बिक्री और खाद की कमी को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने के बावजूद कई विक्रय केंद्रों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसानों का आरोप है कि कुछ विक्रेता निर्धारित सरकारी दरों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं तथा किसानों पर अन्य कृषि सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय बुवाई और फसल प्रबंधन का महत्वपूर्ण दौर है।

ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से फसलों की वृद्धि, उत्पादन क्षमता और किसानो की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक का विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया जाता है। जिससे किसानों को वास्तविक दरों की जानकारी नहीं मिल पाती है। ज्ञापन में प्रशासन से क्षेत्र में यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद विक्रय केंद्रों की नियमित जांच कराने, कालाबाजारी, जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साथ ही किसानों के त्वरित निस्तारण के लिए हेल्पलाइन अथवा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का आग्रह किया गया। ऊपरमाल किसान पंचायत ने चेतावनी दी की यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर क्षेत्र के कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही कर निर्धारित सरकारी दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि कई विक्रय केन्द्रों पर निर्धारित मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं की जाती, जिससे किसानों को वास्तविक सरकारी दरों की जानकारी नहीं मिल पाती। इस स्थिति का लाभ उठाकर कुछ विक्रेता किसानों से अधिक राशि वसूल रहे हैं। कई किसानों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें खाद प्राप्त करने के लिए घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, फिर भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पाती। इससे किसानों का समय और श्रम दोनों व्यर्थ होते हैं।

उर्वरकों की कृत्रिम कमी उत्पन्न कर अधिक लाभ कमाने की प्रवृत्ति कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे न केवल किसानों का आर्थिक शोषण होता है, बल्कि सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं एवं नीतियों का उद्देश्य भी प्रभावित होता है। यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आगामी कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसका असर संपूर्ण क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।

हमारी प्रमुख मांगें निम्नानुसार हैं:-

01. बिजौलियाँ क्षेत्र में यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए।

02. निर्धारित सरकारी दरों से अधिक मूल्य वसूलने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

03. सभी खाद विक्रय केन्द्रों की नियमित जांच एवं निगरानी की व्यवस्था की जाए।

04. प्रत्येक विक्रय केन्द्र पर उर्वरकों की दर सूची एवं उपलब्ध स्टॉक का विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए।

05. कालाबाजारी, जमाखोरी एवं कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

06. किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष नियंत्रण कक्ष अथवा हेल्पलाइन की व्यवस्था की जाए।

07. कृषि विभाग एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाए जाएं।

08. किसानों को निर्धारित मात्रा में खाद उपलब्ध कराने हेतु पारदर्शी वितरण व्यवस्था लागू की जाए।

09. किसानों के हितों की रक्षा हेतु प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

ज्ञापन देने में नारायण लाल मांगीलाल, देवीलाल, दिनेश, दुर्गेश, राजेश, नाथूलाल, प्रकाश, रामस्वरूप, जगदीश, कमलेश आदि मौजूद रहे

Author: AKSHAY OJHA

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