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April 8, 2026 6:23 pm


एवीएस स्कूल की फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावको ने खोला मोर्चा, स्कूल मैनेजमेंट पर जबरन फीस बढ़ाने का आरोप, मनमानी फीस के विरोध में उपखण्ड अधिकारी के नाम दिया ज्ञापन

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Pankaj Garg

सच्ची निष्पक्ष सटीक व निडर खबरों के लिए हमेशा प्रयासरत नमस्ते राजस्थान

बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया कस्बे में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त एवीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल अपनी तीन गुना फीस बढ़ोतरी को लेकर विगत कई दिनों से चर्चाओं में है। अभिभावकों का स्कूल पर आरोप है कि स्कूल मैनेजमेंट के द्वारा नए सत्र 2026 और 2027 के प्रारंभ पर अभिभावकों को बिना किसी सूचना और बैठक के जबरन निर्णय लेकर स्कूल की फीस में तीन गुना वृद्धि कर दी है।

अभिभावकों का आरोप है कि विगत 10 दिनों से स्कूल मैनेजमेंट को फीस कम करने को लेकर बार-बार समझाइश की जा रही थी। किंतु स्कूल मैनेजमेंट के द्वारा सरकार के नियमों को ताक पर रखकर जरूर से ज्यादा फीस का बोझ विद्यार्थियों पर लाद दिया गया। स्कूल मैनेजमेंट द्वारा जबरन स्कूल फीस बढ़ोतरी को लेकर नाराज अभिभावकों ने उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अभिभावकों ने स्कूल द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 और 2027 में नियमों के विरुद्ध की गई भारी फीस एवं बस किराया वृद्धि की बात कहीं।

ज्ञापन में अभिभावकों के द्वारा एक और मुनी सुधा सागर जी महाराज के द्वारा भेदभाव रहित शिक्षा के प्रयास की सराहना की है। वहीं दूसरी और वर्तमान स्कूल मैनेजमेंट के भेदभाव पूर्ण और शोषणपूर्ण निर्णय के प्रति रोष भी व्याप्त किया है। अभिभावकों का कहना है कि बस किराए में वृद्धि 5000 से बढ़ाकर 8500 कर 70% की वृद्धि कर दी गई है। साथ ही फीस चार्ट के अनुसार फीस में 30 से 40% की वृद्धि कर शिक्षा का व्यवसायिकरण किया गया है। अभिभावकों ने स्कूल पर आरोप लगाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल द्वारा फीस वृद्धि के साथ ही विद्यालय द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म एवं किताबें भी एक ही विक्रेता से खरीदने को मजबूर किया जाता है। विद्यालय द्वारा जानबूझकर ऐसी किताबों का चयन किया जाता है, जिससे विद्यालय को मोटा कमीशन प्राप्त हो सके। एनसीआरटी की पब्लिश किताबें 60 से 100 रुपए तक की होती हैं। जबकि विद्यालय द्वारा चयनित पुस्तकों की कीमत 300, 400 और 700 रुपए तक की होती है। इस विद्यालय द्वारा लगातार सरकार के नियमों की अवहेलना कर मनमाने ढंग से फीस लेकर किताबों और यूनिफॉर्म में मुनाफाखोरी की जा रही है। अभिभावकों ने ज्ञापन में उपखंड अधिकारी से स्कूल प्रबंधन द्वारा लागू किए गए इस मनमाने फीस चार्ट और अत्यधिक बस किराए पर तुरंत रोक लगाकर स्कूल के आय व्यय और एसएलएफसी की बैठकों के रिकॉर्ड की जांच करवाकर नियम विरुद्ध की गई वृद्धि को निरस्त करवाने की मांग की है। इस विषय को लेकर एवीएस स्कूल मैनेजमेंट के नितिन पटवारी का कहना है कि स्कूल प्रबंधन कमेटी अभिभावकों के द्वारा दिए गए ज्ञापन को लेकर पूर्ण रूप से जांच टीम का सहयोग करने को तैयार हैं। 2008 से संचालित इस विद्यालय में अब तक मंदिर कमेटी के द्वारा दिए हुए दान की राशि से विद्यालय का संचालन होता रहा है। किंतु अब मंदिर की ओर से किसी प्रकार का दान विद्यालय कमेटी को प्राप्त नहीं हो रहा है। विद्यालय के संचालन में मंदिर की कमेटी से सहायता अनुरूप दान राशि प्राप्त नहीं होने के कारण बच्चों के द्वारा प्राप्त स्कूल फीस ही एक मात्र विकल्प रह गया है। और बच्चों की वर्तमान देय फीस से विद्यालय का पूर्ण संचालन संभव नहीं हो पाता है। विद्यालय का मासिक खर्च जैसे स्कूल स्टाफ की सैलरी, डीजल पेट्रोल एवं अन्य खर्च को मिलाकर 29 से 30 लाख रुपए तक का आता है। छोटा कस्बा होने के बावजूद विद्यालय के द्वारा यहां के बच्चों को शहर जैसी सुविधाएं दी जा रही है। भविष्य में ओर बेहतरीन सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर स्कूल की फीस में वृद्धि की गई है।

Author: AKSHAY OJHA

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