बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया उपखंड क्षेत्र में इन दिनों पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग की नाक के नीचे सड़क नियमों के विरुद्ध नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना नंबर के भारी वाहन मौत का वाहन बनकर सरपट दौड़ रहे हैं। इस प्रकार के भारी संदिग्ध वाहनों ने आमजन की जान माल पर खतरा पैदा कर दिया है।
क्षेत्र में पत्थर खदानों में कंडम और बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रोलिया और डंपर बेखौफ परिवहन में लगी हुई है। वहीं पुलिस और परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह का हवाला देते हुए शराबी दुपहिया वाहन चालकों को पड़कर खानापूर्ति करने में लगी हुई है। कस्बे के स्थानीय लोगों का कहना है कि अनेक वाहन इतने कंडम स्थिति में हो चुके हैं की कागजात नहीं होते हुए भी दिन रात परिवहन में लगे हुए हैं। पत्थर स्टॉक से फर्शी भरकर परिवहन करने वाले ट्रैक्टर एवं डंपरों का इंश्योरेंस तक नहीं है।
इंश्योरेंस एवं नंबर प्लेट नहीं होने के बावजूद आबादी क्षेत्र में ये वाहन खुलेआम सड़क पर मौत का वाहन बनकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग एवं पुलिस की ढिलाई के चलते नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ रही है। रविवार को कस्बे के मोक्षधाम के सामने हुए ट्रैक्टर एवं मोपेड की भिड़ंत में भी 2019 मॉडल के ट्रैक्टर के इंश्योरेंस तक नहीं था। स्थानीय नागरिकों का प्रशासन से सवाल है कि बिना फिटनेस, बिना नंबर, बिना इंश्योरेंस वाले वाहन सड़क पर कैसे दौड़ रहे हैं।
उपखंड क्षेत्र के सतकुडिया, मकरेड़ी, आंट, भूती, उद्पुरिया सहित एक दर्जन से अधिक खनन क्षेत्र में बिना नंबर के वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से खदानों का वेस्टेज और काली मिट्टी डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाई जा रही है। अनेक स्थानों पर ठेकेदारों की मिलीभगत से खदानों की मिट्टी का अवैध कारोबार भी फल फूल रहा है।
Author: AKSHAY OJHA
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