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February 18, 2026 12:00 am


हड़ताल पर गए रेजीडेंट्स का लाइसेंस करें निरस्त : इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट का एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल को लिखा पत्र; टीचर्स फेकल्टी भी नाराज

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Pankaj Garg

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जयपुर।  स्टाइपेंड और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने समेत दूसरी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने आज दूसरे दिन भी काम बंद रखा। रेजीडेंट्स की इस हड़ताल में इस बार सीनियर का सपोर्ट नहीं है। वहीं बार-बार हड़ताल से मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए एसएमएस हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने कॉलेज प्रिंसिपल को पत्र लिखकर हड़ताल पर जाने वाले पीजी रेजीडेंट्स का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। शनिवार रात 8 बजे से हड़ताल पर गए इन रेजीडेंट्स ने ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया है। इसका प्रभाव आज ओपीडी के साथ आईपीडी, ओटी और इमरजेंसी सेवाओं पर भी देखने को मिला है। जयपुर के एसएमएस में ही 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी सर्जरी टाल दी है। पिछले डेढ़ साल में चौथा मौका है, जब डॉक्टर्स ने किसी न किसी मांग को लेकर हड़ताल की है। करीब डेढ़ माह पहले कोलकाता में हुई घटना के विरोध में भी जयपुर समेत प्रदेश के तमाम सरकारी मेडिकल कॉलेज और उसने से अटैच हॉस्पिटल में लम्बे समय तक डॉक्टर्स हड़ताल पर रहे थे।

सीनियर ने हड़ताल से खुद को रखा दूर

इस बार हड़ताल में रेजीडेंट्स में दो फाड़ वाली स्थिति बन गई है। जयपुर समेत तमाम शहरों में कुछ जूनियर रेजीडेंट्स ने हड़ताल का एलान करके काम का बहिष्कार किया है, जबकि सीनियर रेजीडेंट्स (फाइनल ईयर स्टूडेंट्स) ने खुद को इस हड़ताल से दूर रखा है। जयपुर में दिसंबर-जनवरी में इन सीनियर के एग्जाम है। इसे देखते हुए और मांगे वाजिब नहीं होने की स्थिति को देखते हुए सीनियर ने अपनी सेवाएं जारी रखने का फैसला किया है।

कॉलेज में टीचर्स फेकल्टी भी नाराज

इधर रेजीडेंट के इस हठधर्मिता के रवैये से एसएमएस मेडिकल कॉलेज की टीचर्स फेकल्टी भी खासी नाराज है। फेकल्टी ने इस हड़ताल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह हर रोज हड़ताल पर जाना ठीक नहीं। पीजी स्टूडेंट्स एडमिशन से पहले एग्रीमेंट भरकर देते है कि वे हड़ताल या ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे मरीज या हॉस्पिटल प्रशासन को परेशानी हो। अगर ऐसा होता है तो उनका प्रेक्टिस लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। ऐसे में अब सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को हड़ताल पर जाने वाले इन रेजीडेंट्स का लाइसेंस निरस्त करके उन पर कार्यवाही करनी चाहिए।

Author: AKSHAY OJHA

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