झालावाड़, उन्हेल (बलवंत जैन) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झालावाड़ के निर्देशन में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और अपने भविष्य को संवारने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बृजपाल दान चारण अध्यक्ष ताल्लुका विधिक सेवा समिति चौमहला वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगधार में एक विशेष विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य विषय ” ड्रग्स को कहें ना, अपने सपनों को कहें हां रहा। कार्यशाला में न्यायिक अधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य और सपने बेहद कीमती होते हैं। नशा न केवल शरीर को नष्ट करता है, बल्कि इंसान की सोचने-समझने की क्षमता और उसके सपनों को भी खत्म कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं।
नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों एन-डी-पी-एस- एक्ट के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किस तरह नशा अपराध की दुनिया में ले जाता है और एक समझदारी भरा फैसला कैसे पूरे परिवार को बर्बादी से बचा सकता है। उक्त कार्यक्रम में न्यायाधीश ने बच्चों को साइबर क्राइम, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट एवं जुवेनाइल एक्ट, विद्यार्थियों के कानूनी अधिकारों कर्तव्यों एवं मौजूदा सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में प्रधानाचार्य मनोहर दास बैरागी एवं व्याख्याता ओमप्रकाश शर्मा ने न्यायाधीश का माल्यार्पण कर स्वागत सत्कार किया। कार्यक्रम के समापन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के मार्गदर्शक सत्र विद्यार्थियों को सही राह दिखाने में बेहद मददगार साबित होते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकगण की उपस्थिति में सभी विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए शपथ ली।
उक्त कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकगण,कोर्ट स्टाफ एवं पीएलवी आदि उपस्थित रहें।
Author: AKSHAY OJHA
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