बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया उपखंड क्षेत्र की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर समस्त गौ सेवकों ने एकजुट होकर उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में गौसेवकों ने बताया कि उपखंड क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायत के अधीन आने वाली चारागाह भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है।
इससे गोवंश सहित अन्य मवेशियों के लिए चराई की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। चारागाह सिमटने के कारण गौशालाओं में रह रही गायें भी स्वतंत्र रूप से विचरण नहीं कर पा रही है। जिससे पशुपालन और ग्रामीण जीवन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2011 के जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य सरकार प्रकरण का हवाला देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों को चारागाह भूमि से अवैध कब्जे हटाने एवं किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को नियमित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
गौसेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयो की चरागाह भूमियों का शीघ्र सीमांकन कराया जाए साथ ही अतिक्रमण हटाकर हटाकर उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण की पुनरावृति नहीं हो इसके लिए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देते समय गौशाला संचालक रामफूल धाकड़, निलेश सनाढ्य, यशवंत सिंह पुँगलिया, बार पूर्व अध्यक्ष सुमित जोशी, उमेश शर्मा, आशीष राठौर, ब्रजेश प्रजापत आदि गौसेवक मौजूद रहे।
Author: AKSHAY OJHA
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