बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया उपखण्ड की ग्राम पंचायत लक्ष्मी खेड़ा के ग्रामीणों ने पंचायत मुख्यालय पर स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र को अन्य स्थान पर बनाए जाने के प्रयासों का विरोध करते हुए उपखंड अधिकारी बिजौलिया को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की मांग है कि राज्य सरकार के निर्देशों और पूर्व में भेजे गए भूमि आवंटन प्रस्ताव के अनुसार उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पंचायत मुख्यालय लक्ष्मी खेड़ा में ही करवाया जाए। वर्ष 2019 में नवसृजित ग्राम पंचायत लक्ष्मी खेड़ा के गठन के बाद पंचायत भवन एवं अन्य राजकीय भवनों के लिए सरकारी भूमि आवंटित की गई थी। पंचायत भवन का निर्माण हो चुका है तथा शेष भूमि राजकीय भवनों के लिए आरक्षित है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा 2021 में लक्ष्मी खेड़ा में उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किया गया था। जिसके लिए ग्राम पंचायत, पटवारी, भू अभिलेख निरीक्षक, तहसीलदार एवं उपखंड अधिकारी द्वारा भूमि आवंटन प्रस्ताव तैयार कर जिला कलेक्टर को भेजा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त प्रस्ताव अभी तक विचाराधीन है, किंतु वर्तमान सरपंच राजनीतिक कारणों और निजी हितों के चलते उप स्वास्थ्य केंद्र को पंचायत मुख्यालय के बजाय लक्ष्मी खेड़ा के मजरे देवरी की नूण में बनवाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है देवरी की नूण में आबादी मात्र 100 से 150 लोगों की है, जबकि लक्ष्मी खेड़ा की आबादी 800 से 900 के बीच है। कम आबादी होने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र को पंचायत मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थापित किया जा रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवरी की नूण का परिसर है। इसके लिए शिक्षा विभाग से किसी प्रकार की अनापत्ति नहीं ली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए बिना सक्षम स्वीकृति के निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है तथा भवन निर्माण के लिए नींव खुदाई का कार्य भी शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने इसे राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीति और निर्धारित मापदंड के विपरीत बताते हुए सरपंच एवं सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पंचायत मुख्यालय पर राजकीय भवनों के लिए आरक्षित भूमि उपलब्ध है तथा उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि आवंटन प्रस्ताव पहले से लंबित हैं, तब वैकल्पिक स्थान पर निर्माण का कोई उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का पुनः निरीक्षण कर पूर्व में आरक्षित सरकारी भूमि पर ही उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण सुनिश्चित करवाकर पंचायत क्षेत्र के अधिकतम लोगो को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
Author: AKSHAY OJHA
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