बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया कस्बे में इन दोनों चंद निर्दय गोपालकों की निर्लज्जता के चलते मासूम गायों एवं नंदियों की हालत गंभीर बनी हुई है। सुबह से शाम तक पेट भरने की जद्दोजहत में गाय और नंदी बाजार में लगी फल, फूल, सब्जी, किराना आदि की दुकानों पर भोजन प्राप्त करने की आस लगाए रहती है।
ये बेजुबान जानवर भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण कागज एवं थैलियां खाने को भी मजबूर हो रही है। किंतु अब तक इन गायों एवं नंदी की जवाबदारी कोई भी लेने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर गायों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने वाली पार्टियां एवं उनके नाम पर चंदा इकट्ठे करने वालों की भी कस्बे में पोल खुली हुई है। जहां एक और सोशल मीडिया पर ‘ गाय हमारी माता है’ ‘गोवंश बचाओ’ आदि के नारे लगाए जा रहे हैं। वहीं धरातल पर बिजौलिया में सैकड़ो बेजुबान गाय और नंदी सुबह से शाम तक अपने मालिक को द्वारा घर से भोजन पानी की व्यवस्था नहीं होने का दंश जेल रहे हैं। गाय और नंदी डंडे खाकर बीच बाजार अपनी भूख प्यास मिटाने पर मजबूर हो रहे है। कई बार बीच बाजार में बेजुबान जानवरों के आपस में लड़ने के कारण कई लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर बड़े हादसे का शिकार हो चुके हैं। इन पशुओं को लेकर कस्बेवासियों का कहना है कि इन नंदी एवं गायों के मालिकों को नगर पालिका द्वारा सख्ती से पाबंद कर नोटिस जारी करना चाहिए।
वहीं उक्त गंभीर विषय को लेकर बिजौलिया नगर पालिका अधिशासी अधिकारी पंकज मंगल ने कहा कि आगामी 6 जनवरी से बिजौलिया कस्बे में कैटल फ्री कैंपेन चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत नगर पालिका द्वारा लाउडस्पीकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से उन गैर जिम्मेदार गोपालक को पशुओं को अपने अधिकार क्षेत्र में रखने के लिए एक बार आगाह किया जाएगा। सुधार नहीं होने पर गाय और नंदियों को सीधे गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा। गौशाला में भेजे जाने के पश्चात गोपालको के द्वारा मालिकाना हक जताने पर 5000 का जुर्माना अलग से वसूला जाएगा।
Author: AKSHAY OJHA
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