बिजौलिया, बलवंत जैन। बिजौलिया उपखंड क्षेत्र के कोबल्स व्यापारियों ने खान एवं भू विज्ञान विभाग के अभियंता को ज्ञापन सौंपकर व्यापार में आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। व्यापारियों के अनुसार विगत 15 वर्षों से वेस्टेज पत्थर (खंडा) एकत्रित कर उससे कोबल्स निर्माण का कार्य कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में विभागीय कर्मचारीयों द्वारा खंडा पत्थर पर भी रॉयल्टी वसूली की मांग की जा रही है। जिससे समस्त व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि पूर्व में खंडा पत्थर से बनने वाले कोबल्स पर अलग से रॉयल्टी नहीं ली जाती थी।
जबकि तैयार माल पर 200 रुपए प्रति टन के हिसाब से समय-समय पर विभाग को रॉयल्टी जमा करवाते रहे हैं। इसके बावजूद अब कच्चे खंडा पत्थर पर भी रॉयल्टी मांगी जा रही है। इस प्रकार की मांग को व्यापारियों ने अनुचित बताया है। बिजौलिया क्षेत्र के शकरगढ़, बोराह, भोतपुरा, कांस्या, इंद्रपुरा और मीनल सहित विभिन्न रॉयल्टी नाको पर तैनात निजी कर्मचारियों के मनमाने रवैया और अभद्र व्यवहार को लेकर लगातार नाराजगी बढ़ रही है। निजी कर्मचारी की कार्यशैली से वाहन चालक और व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि उनके स्टॉक से माल लेकर निकलने वाले वाहनों को वजन कराने से पहले नाकों पर रोककर रॉयल्टी कटवाने का दबाव बनाया जाता है। जबकि बिना वजन करवाए और बिना बिल बने रॉयल्टी कटवाना संभव नहीं है। निजी कर्मचारीयों की नाकों पर अनावश्यक रोक टोक और अव्यवस्थित व्यवस्था से रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में उन्होंने निजी कर्मचारियों को हटाकर रॉयल्टी नाकों पर स्थाई सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग उठाई है। ताकि व्यवस्था पारदर्शी और सुचारू हो सके। ज्ञापन देने में योगेश नाहर, श्रेयांश जैन, बबलू मेवाड़ा, नरेंद्र, जॉन्टी आदि मौजूद रहे।
Author: AKSHAY OJHA
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